वह दोस्तों के साथ बिताया बचपन भी कितना प्यारा था
एक है सीने में जिगरा और दूसरे जिगरी यार।
“यारी में वो खुशी है, जो प्यार से भी गहरा है।”
बाकी किस्मत तो दोस्तों से ही बदली जाती है..!
ਉਹ ਤਾਂ ਦੁੱਖ ਵੇਖ ਕੇ ਹੋਰ ਨਜ਼ਦੀਕ ਹੋ ਜਾਂਦੀ।
वक़्त की यारी तो हर कोई करता है मेरे दोस्त,
शायद ये दोस्ती की सच्चाई थी, जो हमें अब समझ में आती है।
वो दोस्त अब हमारी यादों में सिमट गया है।
यह दीवार बड़ी मुश्किल से खड़ी होती है।
“दोस्ती में दारू काम नहीं आती, बस दोस्त की पगड़ी Dosti Shayari बचानी पड़ती है।”
तेरे साथ तो मैं भी फ़ुल ड्रामेबाज़ बन जाती हूँ।
जिगरी दोस्ती की ये मीठी बातें दिल को छू जाती हैं।
क्योंकि मेरे दोस्त मुझे दोस्त नहीं, भाई मानते हैं।
सच्ची दोस्ती वो होती है, जो दिल से निभाई जाती है,